Mumbai Metro हादसा: मुलुंड में निर्माणाधीन पिलर का हिस्सा गिरा, एक की मौत, कई घायल

मुंबई के मुलुंड इलाके में शनिवार दोपहर निर्माणाधीन मेट्रो परियोजना के दौरान बड़ा हादसा हो गया। Mumbai Metropolitan Region Development Authority (MMRDA) के तहत बन रही Mumbai Metro Line 4 के एक पिलर का पैरेपेट/स्लैब हिस्सा नीचे सड़क पर गिर गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जबकि तीन लोग घायल बताए जा रहे हैं।

घटना के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस टीम ने तत्काल राहत-बचाव शुरू किया और घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।

हादसा कैसे हुआ? एलबीएस रोड पर अफरातफरी

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, एलबीएस रोड (मुलुंड वेस्ट) पर पिलर के ऊपरी हिस्से से कंक्रीट सेगमेंट अचानक नीचे गिरा। मलबा एक ऑटो-रिक्शा और पास से गुजर रहे वाहन पर आ गिरा, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज आवाज के साथ कंक्रीट का हिस्सा नीचे गिरा। कुछ मिनटों तक ट्रैफिक पूरी तरह ठप रहा। स्थानीय पुलिस ने क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया।

प्रशासन की कार्रवाई: जांच समिति और निर्माण कार्य पर अस्थायी रोक

MMRDA ने घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक जांच में पैरेपेट सेगमेंट के गिरने की बात सामने आई है। निर्माण कार्य को एहतियातन अस्थायी रूप से रोका गया है।

साथ ही संबंधित ठेकेदार और परियोजना से जुड़े अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री का बयान

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने हादसे पर दुख जताया और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। उन्होंने जांच में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

मेट्रो लाइन-4 परियोजना: क्यों है अहम?

Mumbai Metro Line 4 (वडाला-ठाणे कॉरिडोर) मुंबई महानगर क्षेत्र की प्रमुख परिवहन परियोजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य पूर्वी उपनगरों और ठाणे को तेज व सुगम कनेक्टिविटी देना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में सुरक्षा ऑडिट, गुणवत्ता जांच और रियल-टाइम मॉनिटरिंग अत्यंत जरूरी है। घनी आबादी और व्यस्त ट्रैफिक वाले इलाकों में निर्माण के दौरान अतिरिक्त सतर्कता अनिवार्य होती है।

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सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

हाल के वर्षों में देश के कई शहरों में निर्माणाधीन संरचनाओं से जुड़े हादसे सामने आए हैं। यह घटना भी सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की मांग करती है।

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • नियमित स्ट्रक्चरल इंस्पेक्शन अनिवार्य होना चाहिए
  • भारी कंक्रीट सेगमेंट की लिफ्टिंग और फिटिंग के दौरान अतिरिक्त सपोर्ट सिस्टम होना चाहिए
  • निर्माण स्थल के नीचे यातायात नियंत्रित रखने के लिए अस्थायी सुरक्षा बैरियर लगाए जाने चाहिए

यदि इन उपायों को सख्ती से लागू किया जाए, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

आम नागरिकों के लिए क्या सावधानी?

  • निर्माणाधीन क्षेत्रों के नीचे अनावश्यक रुकने से बचें
  • ट्रैफिक डायवर्जन और चेतावनी संकेतों का पालन करें
  • असुरक्षित स्थिति दिखने पर स्थानीय प्रशासन को सूचित करें

निष्कर्ष

मुंबई के मुलुंड में मेट्रो पिलर का हिस्सा गिरने की घटना ने एक बार फिर शहरी विकास परियोजनाओं में सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को उजागर किया है। एक जान गंवाने वाली इस दुर्घटना ने प्रशासन और परियोजना प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि चूक कहां हुई। फिलहाल, शहरवासियों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई और सुरक्षा मानकों के सख्त अनुपालन पर टिकी है।

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