Share Market 20 फरवरी 2026: सेंसेक्स 300 अंकों से ज्यादा उछला, निफ्टी 25,500 के पार बंद

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय Share Market ने मजबूत वापसी दर्ज की। BSE Sensex करीब 316 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि NIFTY 50 25,500 के अहम स्तर को पार कर गया। शुरुआती कमजोरी के बाद बैंकिंग, मेटल और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में आई खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स लगभग 316 अंकों की तेजी के साथ 84,000 के आसपास बंद हुआ, जबकि निफ्टी 25,570 के स्तर के करीब पहुंचा। विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी और चुनिंदा सेक्टरों में मजबूत प्रदर्शन ने बाजार को संभाले रखा।

बैंकिंग और मेटल शेयर बने बाजार के सहारे

आज के सत्र में पावर, मेटल और इंफ्रा कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी देखी गई। ऊर्जा और सरकारी क्षेत्र की कंपनियों में खरीदारी से बाजार का सेंटीमेंट मजबूत हुआ।

प्रमुख बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में NTPC, Larsen & Toubro, Power Grid Corporation of India, Tata Steel और Hindustan Unilever शामिल रहे। इन शेयरों में 1 से 3 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई।

विशेषज्ञों के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और कमोडिटी कीमतों में स्थिरता ने इन सेक्टरों को समर्थन दिया है।

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आईटी और चुनिंदा मिडकैप शेयरों में दबाव

हालांकि बाजार समग्र रूप से सकारात्मक रहा, लेकिन आईटी और कुछ मिडकैप शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक अभी भी वैश्विक आर्थिक संकेतों को लेकर सतर्क हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी बाजारों की चाल और वैश्विक ब्याज दरों से जुड़े संकेत आने वाले सत्रों में दिशा तय कर सकते हैं।

Share Market में निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निफ्टी का 25,500 के ऊपर बंद होना निकट अवधि के लिए सकारात्मक संकेत है। यदि यह स्तर बरकरार रहता है तो बाजार में और मजबूती आ सकती है। हालांकि 25,300 का स्तर तत्काल सपोर्ट माना जा रहा है।

दीर्घकालिक निवेशकों के लिए सलाह है कि वे मजबूत बैलेंस शीट और स्थिर आय वृद्धि वाली कंपनियों पर ध्यान दें। अल्पकालिक निवेशकों को उतार-चढ़ाव के बीच सतर्क रणनीति अपनानी चाहिए।

निष्कर्ष

20 फरवरी 2026 का कारोबारी सत्र भारतीय Share Market के लिए राहत भरा रहा। प्रमुख सूचकांकों ने मजबूती दिखाई और चुनिंदा सेक्टरों ने नेतृत्व किया। हालांकि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों को संतुलित और सूचित निर्णय लेने की आवश्यकता बनी रहेगी।

(यह रिपोर्ट सार्वजनिक बाजार आंकड़ों और विश्लेषकों की टिप्पणियों पर आधारित है। निवेश से पहले वित्तीय सलाह अवश्य लें।)

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