यूके से हब्बल्ली तक 7700 किमी का सफर: Ranji Trophy फाइनल ने खींचा विदेशी क्रिकेट प्रेमी

हब्बल्ली, कर्नाटक | विशेष रिपोर्ट

भारतीय घरेलू क्रिकेट की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता Ranji Trophy का फाइनल इस बार सिर्फ मैदान पर रोमांच की वजह से चर्चा में नहीं है, बल्कि एक विदेशी प्रशंसक के जुनून ने भी इसे खास बना दिया है। यूनाइटेड किंगडम से आए क्रिकेट प्रेमी पॉल गैरवुड करीब 7700 किलोमीटर की यात्रा तय कर हब्बल्ली पहुंचे, ताकि वह कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के बीच खेले जा रहे फाइनल मुकाबले को प्रत्यक्ष देख सकें।

घरेलू क्रिकेट का आकर्षण, जो सीमाओं से परे

पॉल पेशे से लंदन में बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े हैं, लेकिन दिल से क्रिकेट प्रेमी। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के मुकाबले उन्हें भारतीय घरेलू क्रिकेट अधिक वास्तविक और प्रतिस्पर्धी लगता है। यही कारण रहा कि उन्होंने विशेष रूप से Ranji Trophy Final देखने का निर्णय लिया। उनके अनुसार, रणजी ट्रॉफी भारतीय क्रिकेट की जड़ है, जहां से राष्ट्रीय टीम के कई सितारे निकलते हैं।

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हब्बल्ली में ऐतिहासिक मुकाबला

यह फाइनल कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के बीच हब्बल्ली के KSCA Rajnagar Stadium में आयोजित किया गया। जम्मू-कश्मीर की टीम ने पहली पारी में मजबूत प्रदर्शन कर मुकाबले में बढ़त बनाई। शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने संयमित खेल दिखाते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दूसरी ओर, कर्नाटक जैसी अनुभवी टीम वापसी के प्रयास में जुटी रही।

जम्मू-कश्मीर का फाइनल तक पहुंचना अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि देश के दूरदराज क्षेत्रों से भी प्रतिभाएं अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ रही हैं।

क्यों खास है यह कहानी?

विशेषज्ञों का मानना है कि पॉल का यह सफर भारतीय घरेलू क्रिकेट की बढ़ती वैश्विक पहचान का संकेत है। क्रिकेट विश्लेषकों के अनुसार, रणजी ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट ही भारतीय क्रिकेट की नींव मजबूत करते हैं। जब विदेशी दर्शक भी इसे देखने भारत आते हैं, तो यह घरेलू संरचना की विश्वसनीयता और गुणवत्ता को प्रमाणित करता है।

भारतीय क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत

कर्नाटक, जो कई बार Ranji Trophy खिताब जीत चुका है, और पहली बार फाइनल में पहुंची जम्मू-कश्मीर — दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट के विविध स्वरूप को दर्शाता है। एक ओर परंपरा और अनुभव है, तो दूसरी ओर नई ऊर्जा और उभरती प्रतिभा।

पॉल गैरवुड की कहानी यह साबित करती है कि क्रिकेट केवल खेल नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव और सांस्कृतिक अनुभव भी है। रणजी ट्रॉफी फाइनल ने एक बार फिर दिखाया है कि भारतीय घरेलू क्रिकेट अब वैश्विक क्रिकेट प्रेमियों को भी आकर्षित कर रहा है।

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