बांग्लादेश में नई सरकार का गठन: Tarique Rahman के शपथ ग्रहण में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे ओम बिरला

दक्षिण एशिया की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के बीच बांग्लादेश में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता Tarique Rahman प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। इस शपथ ग्रहण समारोह में भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष Om Birla आधिकारिक प्रतिनिधित्व करेंगे।

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय दोनों देशों के पारंपरिक और ऐतिहासिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी समारोह में क्यों नहीं होंगे शामिल?

सूत्रों के अनुसार, शपथ ग्रहण की तिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूर्व निर्धारित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसके कारण वे ढाका नहीं जा पाएंगे। हालांकि, भारत की ओर से उच्च-स्तरीय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है ताकि कूटनीतिक शिष्टाचार और द्विपक्षीय संबंधों की निरंतरता बनी रहे।

विश्लेषकों का मानना है कि संसद के उच्च पद पर आसीन Om Birla की उपस्थिति यह संदेश देती है कि भारत बांग्लादेश के लोकतांत्रिक जनादेश का सम्मान करता है और नए नेतृत्व के साथ रचनात्मक संवाद चाहता है।

13 देशों को निमंत्रण, क्षेत्रीय कूटनीति पर नजर

बांग्लादेश की नई सरकार ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए भारत सहित 13 देशों को आमंत्रित किया है। यह कदम नए प्रशासन की बहुपक्षीय कूटनीति को दर्शाता है।

दक्षिण एशिया में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच यह समारोह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि क्षेत्रीय रणनीति का संकेत भी माना जा रहा है।

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भारत-बांग्लादेश संबंध: आगे क्या?

भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले वर्षों में व्यापार, सीमा सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। नई सरकार के गठन के बाद इन क्षेत्रों में सहयोग की निरंतरता और विस्तार पर ध्यान रहेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले महीनों में निम्न मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं:

  • सीमा प्रबंधन और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण
  • जल संसाधन साझेदारी
  • ऊर्जा और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट
  • क्षेत्रीय व्यापार समझौते

भारत की प्राथमिकता स्थिर और सहयोगी पड़ोसी संबंधों को बनाए रखना है।

कूटनीतिक संतुलन का संकेत

Om Birla का प्रतिनिधित्व यह दर्शाता है कि भारत राजनीतिक बदलावों के बावजूद संस्थागत संबंधों को महत्व देता है। यह निर्णय एक संतुलित और परिपक्व विदेश नीति का उदाहरण माना जा रहा है, जहां सरकार स्तर पर संवाद और सहयोग को प्राथमिकता दी जाती है।

निष्कर्ष

Tarique Rahman का शपथ ग्रहण बांग्लादेश की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत है। भारत की ओर से उच्च-स्तरीय भागीदारी दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग की निरंतरता का संकेत देती है।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई सरकार भारत के साथ संबंधों को किस दिशा में आगे बढ़ाती है और क्षेत्रीय स्थिरता पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।

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