राष्ट्रीय राजधानी में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क से जुड़ी महिला सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला, जिसकी पहचान खुश्नुमा अंसारी उर्फ नेहा के रूप में हुई है, अपराध जगत में ‘Madam Zeher’ के नाम से जानी जाती थी।
पुलिस के अनुसार, वह खुद को मेकअप आर्टिस्ट और ब्यूटी प्रोफेशनल बताकर ड्रग तस्करी और गैंग नेटवर्क को संचालित कर रही थी। इस गिरफ्तारी को गैंग के शहरी लॉजिस्टिक नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
‘Madam Zeher’ मेकअप आर्टिस्ट की आड़ में चल रहा था ड्रग रैकेट
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी महिला ने ब्यूटी और मेकअप के पेशे को कवर के रूप में इस्तेमाल किया। इसी नेटवर्क के जरिए वह कथित तौर पर ड्रग्स की सप्लाई, संपर्क साधन और वित्तीय लेन-देन को अंजाम देती थी।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि उसके पास से नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी संकेत मिला है कि वह गैंग के लिए महिला सदस्यों की भर्ती और नेटवर्क विस्तार में सक्रिय भूमिका निभा रही थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह संगठित अपराध के बदलते स्वरूप का उदाहरण है, जहां अपराधी समूह वैध व्यवसायों की आड़ लेकर अपने नेटवर्क को मजबूत कर रहे हैं।
महिपालपुर के पास दबोचा गया गैंग नेटवर्क
स्पेशल सेल को आरोपी की गतिविधियों की लंबे समय से निगरानी थी। गुप्त सूचना के आधार पर महिपालपुर फ्लाईओवर के पास ट्रैप लगाकर उसे और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में गैंग से जुड़े सक्रिय सदस्य भी शामिल हैं, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रहा है। पुलिस अब इनके आपसी संबंध, फंडिंग चैनल और संभावित अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच कर रही है।
संगठित अपराध में महिलाओं की बढ़ती भूमिका
इस मामले ने एक गंभीर सवाल भी खड़ा किया है — क्या संगठित अपराध गिरोह अब महिलाओं को रणनीतिक भूमिकाओं में शामिल कर रहे हैं?
क्राइम विश्लेषकों का मानना है कि महिलाओं की भागीदारी से नेटवर्क कम संदेहास्पद दिखाई देता है और पुलिस की निगरानी से बच निकलना आसान हो जाता है। यही वजह है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब ऐसे मॉडलों पर विशेष नजर रख रही हैं।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह गिरफ्तारी केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने का रास्ता खुला है।
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ड्रग तस्करी पर सख्ती: दिल्ली पुलिस की रणनीति
हाल के महीनों में राजधानी में ड्रग तस्करी के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाइयां हुई हैं। पुलिस अब टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन पर जोर दे रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- ड्रग नेटवर्क अक्सर छोटे, स्थानीय वितरण चैनल बनाकर काम करते हैं।
- सोशल मीडिया और निजी संपर्कों के जरिए सप्लाई चेन बनाई जाती है।
- वैध पेशों की आड़ लेकर लॉजिस्टिक संचालन किया जाता है।
ऐसे में यह कार्रवाई संगठित अपराध और नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रही व्यापक मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। उनसे पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि:
- ड्रग सप्लाई का स्रोत क्या था
- नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला था
- वित्तीय लेन-देन किस माध्यम से हो रहा था
आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां संभव मानी जा रही हैं।
निष्कर्ष: अपराध के बदलते तरीके और कानून की चुनौती
‘Madam Zeher’ की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि संगठित अपराध के तरीके लगातार बदल रहे हैं। वैध पेशों की आड़, महिला सदस्यों की रणनीतिक भागीदारी और डिजिटल माध्यमों का उपयोग — ये सभी कानून व्यवस्था के लिए नई चुनौतियां पेश कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक गैंग सदस्य की गिरफ्तारी है, बल्कि यह संगठित ड्रग नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संदेश भी है कि राजधानी में अपराध के लिए अब जगह सीमित होती जा रही है।
जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और खुलासे सामने आने की संभावना है।
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