रैगिंग और कथित उत्पीड़न से टूटी छात्रा, सात अस्पतालों में इलाज के बाद गई जान
Dharamshala के एक सरकारी कॉलेज में पढ़ने वाली 19 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। छात्रा के पिता ने आरोप लगाया है कि कॉलेज में रैगिंग, शारीरिक हिंसा और मानसिक प्रताड़ना के कारण उनकी बेटी गंभीर डर और तनाव में जी रही थी। पिता का दावा है कि छात्रा बार-बार कहती थी कि “वे मुझे मार देंगे”, जिसके बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
क्या है पूरा मामला
परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, सितंबर 2025 में कॉलेज परिसर के अंदर छात्रा के साथ कुछ सीनियर छात्राओं द्वारा कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया। आरोप है कि:
- छात्रा पर बोतल से हमला किया गया
- जबरन उसके बाल काट दिए गए
- उसे लगातार धमकाया गया और डराया गया
- घटना के बाद वह मानसिक रूप से बुरी तरह टूट गई
परिवार का कहना है कि छात्रा कॉलेज जाने से डरने लगी थी और उसे लगातार जान का खतरा महसूस हो रहा था।
सात अस्पताल, लेकिन नहीं बच सकी जान
घटना के बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों के अनुसार:
- उसे हिमाचल और पंजाब के कुल सात अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाया गया
- मानसिक तनाव, सिर की चोट और लगातार डर ने उसकी सेहत को गहरा नुकसान पहुंचाया
- अंततः दिसंबर 2025 में लुधियाना के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई
इस मौत के बाद मामला सामने आया और प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे।
पिता का आरोप: “मेरी बेटी डर में जी रही थी”
छात्रा के पिता ने मीडिया और पुलिस को दिए बयान में कहा कि उनकी बेटी ने कई बार बताया था कि कॉलेज में उसके साथ बहुत गलत हो रहा है।
पिता के अनुसार:
- बेटी ने साफ कहा था कि उसे मार दिए जाने का डर है
- परिवार ने कॉलेज प्रशासन से मदद की कोशिश की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई
- अगर समय रहते कदम उठाए जाते, तो शायद उनकी बेटी की जान बच सकती थी
पुलिस ने दर्ज की FIR, कई आरोपी नामजद
मामले में Dharamshala पुलिस ने छात्रा के पिता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है।
एफआईआर में:
- तीन छात्राओं पर रैगिंग और मारपीट के आरोप
- एक कॉलेज प्रोफेसर पर भी अनुचित व्यवहार के आरोप
- यौन उत्पीड़न, शारीरिक चोट और रैगिंग विरोधी कानून की धाराएं लगाई गई हैं
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
UGC और प्रशासन हरकत में
छात्रा की मौत के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने:
- फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी के गठन का आदेश दिया
- कॉलेज प्रशासन की भूमिका की भी जांच के संकेत दिए
वहीं, राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।
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सवालों के घेरे में कॉलेजों की सुरक्षा व्यवस्था
यह मामला एक बार फिर उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है:
- क्या रैगिंग विरोधी नियम ज़मीन पर लागू हो पा रहे हैं?
- छात्रों की शिकायतों को समय पर क्यों नहीं सुना जाता?
- मानसिक उत्पीड़न को हल्के में क्यों लिया जाता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं यह दिखाती हैं कि संस्थानिक लापरवाही कितनी घातक साबित हो सकती है।
आगे क्या
पुलिस अब:
- मेडिकल रिकॉर्ड
- गवाहों के बयान
- कॉलेज परिसर से जुड़े साक्ष्य
की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में गिरफ्तारियां और कार्रवाई संभव मानी जा रही है।
नोट: यह खबर उपलब्ध आधिकारिक जानकारी, पुलिस शिकायत और परिजनों के बयानों पर आधारित है। जांच पूरी होने तक सभी आरोपी कानूनन निर्दोष माने जाएंगे।
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