मां ने छोड़ा, खिलौने ने दिया सहारा; सोशल मीडिया स्टार बना नन्हा जापानी मकाक
जापान के चिबा प्रांत स्थित जापान के Ichikawa City Zoo में ‘पंच’ का क्रेज: वायरल बेबी मंकी को देखने उमड़ी भारी भीड़ इन दिनों एक नन्हे जापानी मकाक बंदर ‘पंच’ की वजह से चर्चा में है। कुछ सप्ताह पहले सोशल मीडिया पर उसका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह अपने पसंदीदा सॉफ्ट टॉय को कसकर पकड़े दिखाई दे रहा था। वीडियो के बाद देश-विदेश से पर्यटक उसे देखने चिड़ियाघर पहुंच रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक पंच का जन्म जुलाई 2025 में हुआ था। जन्म के तुरंत बाद उसकी मां ने उसे स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने विशेष देखभाल शुरू की। देखरेख करने वाले कर्मचारियों ने उसे एक नरम खिलौना दिया, जिसे वह हर समय अपने साथ रखता है। यही भावुक दृश्य इंटरनेट पर वायरल हो गया और पंच रातोंरात आकर्षण का केंद्र बन गया।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ी दर्शकों की संख्या
हाल ही में एक विदेशी पर्यटक ने जापान के Ichikawa City Zoo में ‘पंच’ का क्रेज: वायरल बेबी मंकी को देखने उमड़ी भारी भीड़ का वीडियो साझा किया, जिसमें पंच को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग कतार में खड़े नजर आए। कई आगंतुक उसकी हर गतिविधि को कैमरे में कैद कर रहे थे। चिड़ियाघर प्रबंधन ने बताया कि आगंतुकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, हालांकि जानवरों की सुरक्षा और आराम को प्राथमिकता दी जा रही है।
तनाव कम करने के लिए विशेष इंतजाम
अचानक बढ़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने बंदरों के बाड़े के आसपास नियंत्रित क्षेत्र बनाया है, ताकि तेज शोर या अत्यधिक हलचल से जानवरों को तनाव न हो। विशेषज्ञों का कहना है कि नवजात या कम उम्र के प्राइमेट्स को स्थिर और शांत वातावरण की जरूरत होती है। ऐसे में चिड़ियाघर का यह कदम पशु कल्याण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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अब समूह में घुलने-मिलने लगा पंच
शुरुआत में पंच अन्य बंदरों के साथ सहज नहीं था, लेकिन हालिया अपडेट के अनुसार वह धीरे-धीरे अपने समूह के साथ घुलने-मिलने लगा है। देखभाल करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि सामाजिक व्यवहार में सुधार उसके मानसिक विकास के लिए सकारात्मक संकेत है।
सोशल मीडिया और पशु संरक्षण पर नई बहस
पंच की लोकप्रियता ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि वायरल ट्रेंड और वन्यजीव कल्याण के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया जागरूकता बढ़ाने का माध्यम हो सकता है, बशर्ते जानवरों की भलाई सर्वोपरि रखी जाए।
पंच की कहानी केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि यह करुणा, देखभाल और जिम्मेदार पशु प्रबंधन की मिसाल भी बन रही है।
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