60 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस, ‘रेडी’ और टीवी धारावाहिकों से मिली थी पहचान
हिंदी और मराठी फिल्म-टेलीविजन जगत की जानी-मानी अभिनेत्री Pravina Deshpande का 60 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले कई वर्षों से कैंसर से जूझ रही थीं। परिवार की ओर से जारी बयान में बताया गया कि उन्होंने मुंबई में अंतिम सांस ली। उनके निधन से फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर है।
2019 से चल रही थी बीमारी, साहस के साथ किया सामना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 2019 में उन्हें मल्टीपल मायलोमा (ब्लड कैंसर का एक प्रकार) का पता चला था। उपचार और थेरेपी के लंबे दौर के बावजूद उनकी सेहत में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहा। करीबी सूत्रों के मुताबिक, बीमारी के दौरान भी उन्होंने अपने काम और सहकर्मियों से संपर्क बनाए रखा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मल्टीपल मायलोमा एक जटिल बीमारी है, जिसका उपचार लंबा और चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में उनका पेशेवर सक्रिय रहना उनके दृढ़ व्यक्तित्व को दर्शाता है।
थिएटर से फिल्मों तक का सफर
Pravina Deshpande ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की थी। अभिनय की बारीकियों में प्रशिक्षित होने के बाद उन्होंने टेलीविजन और फिल्मों की ओर रुख किया।
फिल्मों में उल्लेखनीय भूमिकाएं
- Ready में उन्होंने अहम किरदार निभाया और मुख्यधारा के दर्शकों तक पहुंच बनाई।
- Ek Villain
- Parmanu: The Story of Pokhran
- Jalebi
इन फिल्मों में उनके सहायक लेकिन प्रभावशाली किरदारों ने उन्हें एक भरोसेमंद चरित्र अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया।
टीवी जगत में मजबूत पहचान
टेलीविजन पर भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
- Kumkum – Ek Pyara Sa Bandhan
- Karam Apnaa Apnaa
- Kulfi Kumar Bajewala
इन धारावाहिकों में उन्होंने पारिवारिक और भावनात्मक किरदारों को जीवंत किया, जिससे वह घर-घर में पहचानी जाने लगीं।
अंतिम संस्कार और इंडस्ट्री की श्रद्धांजलि
परिवार के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार मुंबई में संपन्न हुआ। कई कलाकारों और तकनीशियनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दी। सहकर्मियों ने उन्हें समर्पित, अनुशासित और सौम्य स्वभाव की कलाकार बताया।
इंडस्ट्री के लिए क्या संदेश छोड़ गईं?
Pravina Deshpande का करियर यह दर्शाता है कि अभिनय केवल मुख्य भूमिकाओं तक सीमित नहीं है। चरित्र कलाकार भी कहानी की आत्मा होते हैं। उन्होंने छोटे-बड़े हर किरदार में विश्वसनीयता और संवेदनशीलता जोड़ी।
मनोरंजन उद्योग के विशेषज्ञ मानते हैं कि थिएटर पृष्ठभूमि से आने वाले कलाकारों में संवाद अदायगी और भावनात्मक गहराई अधिक स्पष्ट होती है, जिसका उदाहरण प्रवीणा का काम रहा।
जीवन और संघर्ष से सीख
- कठिन बीमारी के बावजूद पेशेवर प्रतिबद्धता बनाए रखना
- थिएटर से मुख्यधारा सिनेमा तक निरंतर मेहनत
- सहायक भूमिकाओं को भी यादगार बनाना
उनका सफर नए कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
निष्कर्ष
Pravina Deshpande का निधन भारतीय मनोरंजन जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता। उनकी यादें और उनका काम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
(यह रिपोर्ट विश्वसनीय मीडिया स्रोतों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।)
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