बेंगलुरु। भारतीय क्रिकेट के दो महान दिग्गजों को एक ऐतिहासिक सम्मान मिला है। कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) ने बेंगलुरु स्थित प्रतिष्ठित M. Chinnaswamy Stadium के दो स्टैंड का नाम Rahul Dravid और Anil Kumble के नाम पर रखने की घोषणा की है।
यह निर्णय स्टेडियम के स्वर्णिम इतिहास और कर्नाटक क्रिकेट में इन दोनों खिलाड़ियों के असाधारण योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
“मेरे पिता मुझे यहां लाए थे…” – Rahul Dravid हुए भावुक
सम्मान समारोह के दौरान Rahul Dravid बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि यह मैदान उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है।
Rahul Dravid ने याद करते हुए कहा कि उनके पिता उन्हें बचपन में इसी मैदान पर क्रिकेट देखने और अभ्यास कराने लाते थे। उन्होंने स्वीकार किया कि चिन्नास्वामी स्टेडियम उनके लिए सिर्फ एक खेल का मैदान नहीं, बल्कि एक “दूसरा घर” रहा है।
उन्होंने कहा कि अपने नाम का स्टैंड देखकर उन्हें गर्व के साथ जिम्मेदारी का भी अहसास होता है। यह सम्मान सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि उनके परिवार, कोच और कर्नाटक क्रिकेट के लिए भी है।
कुंबले बोले – यह हमारी साझा क्रिकेट यात्रा का सम्मान
अनिल कुंबले ने भी इस फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान व्यक्तिगत उपलब्धि से बढ़कर कर्नाटक क्रिकेट की सामूहिक मेहनत और सफलता का प्रतीक है।
कुंबले ने अपने करियर का बड़ा हिस्सा इसी मैदान पर बिताया और यहीं से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने युवा खिलाड़ियों से अपील की कि वे इस विरासत को आगे बढ़ाएं।
क्यों खास है यह फैसला?
1. कर्नाटक क्रिकेट की विरासत को सम्मान
चिन्नास्वामी स्टेडियम भारत के सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट मैदानों में से एक है। यहां कई ऐतिहासिक मैच खेले गए हैं। ऐसे में दो महान खिलाड़ियों के नाम पर स्टैंड का नामकरण राज्य की खेल विरासत को स्थायी पहचान देता है।
2. नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
जब युवा खिलाड़ी स्टैंड पर Rahul Dravid और कुंबले का नाम देखेंगे, तो उन्हें अनुशासन, समर्पण और कड़ी मेहनत की प्रेरणा मिलेगी।
3. भारतीय क्रिकेट के स्तंभों को मान्यता
Rahul Dravid और कुंबले दोनों ने भारतीय क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाई है। यह सम्मान उनके अंतरराष्ट्रीय योगदान की औपचारिक स्वीकृति भी है।
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द्रविड़ और कुंबले: आंकड़ों में महानता
Rahul Dravid
- 24,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय रन
- टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शुमार
- पूर्व भारतीय कप्तान और सफल कोच
अनिल कुंबले
- 950 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विकेट
- टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक
- पूर्व भारतीय कप्तान और कोच
दोनों खिलाड़ियों ने न केवल मैदान पर बल्कि मैदान के बाहर भी भारतीय क्रिकेट के विकास में अहम भूमिका निभाई है।
भारतीय क्रिकेट के लिए क्या मायने रखता है यह सम्मान?
विशेषज्ञों के अनुसार, स्टेडियम में स्टैंड का नाम किसी खिलाड़ी के नाम पर रखना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक स्थायी स्मारक स्थापित करने जैसा है।
यह पहल यह दर्शाती है कि भारतीय क्रिकेट अब अपने नायकों को समय रहते सम्मानित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे खेल संस्कृति को मजबूती मिलती है और खिलाड़ियों का मनोबल भी बढ़ता है।
निष्कर्ष
चिन्नास्वामी स्टेडियम में Rahul Dravid और अनिल कुंबले के नाम पर स्टैंड का नामकरण भारतीय क्रिकेट इतिहास का एक यादगार अध्याय बन गया है। यह सम्मान न केवल दो महान खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
कर्नाटक क्रिकेट की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि खेल में समर्पण और उत्कृष्टता को हमेशा याद रखा जाता है।
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