मेक इन इंडिया की शानदार जीत: Apple ने 2025 में भारत से 50 अरब डॉलर के आईफोन निर्यात किए, वैष्णव का बड़ा ऐलान

अमेरिकी टेक दिग्गज Apple इंक ने 2025 में भारत से 50 अरब डॉलर (लगभग 4.51 लाख करोड़ रुपये) मूल्य के आईफोन निर्यात किए, जो देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए अभूतपूर्व मील का पत्थर है। केंद्रीय रेल, सूचना प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर इसकी घोषणा करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान और उत्पादक अर्थव्यवस्था के लक्ष्य का बड़ा प्रमाण बताया। पिछले 11 वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 6 गुना और निर्यात 8 गुना बढ़ा है, जिससे यह भारत के शीर्ष तीन निर्यात वस्तुओं में शामिल हो गया।​​

आंकड़ों की गहराई – PLI स्कीम ने कैसे बदला खेल?

  • पीएलआई (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) स्कीम के तहत दिसंबर 2025 तक एप्पल ने 50 अरब डॉलर के आईफोन निर्यात किए; FY26 के पहले 9 महीनों में ही 16 अरब डॉलर का योगदान रहा।
  • तुलनात्मक रूप से, सैमसंग ने FY21-25 के पीएलआई पीरियड में करीब 17 अरब डॉलर के डिवाइस निर्यात किए, जबकि Apple ने तेजी से क्षमता बढ़ाई।
  • भारत में Apple के पांच आईफोन प्लांट्स – तीन टाटा ग्रुप के और दो फॉक्सकॉन के – 45 कंपोनेंट सप्लायर्स के साथ जुड़े हुए हैं, जिसमें कई एमएसएमई शामिल।
  • अप्रैल 2025 तक भारत वैश्विक आईफोन उत्पादन का 20 प्रतिशत हिस्सा बन गया, और अमेरिकी टैरिफ्स के बाद भारत निर्मित 97 प्रतिशत आईफोन यूएस पहुंचे।

इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर का उछाल – 11 सालों की कहानी

  • 2020 में शुरू हुई पीएलआई स्कीम ने स्मार्टफोन सेक्टर में निवेश को गति दी; Apple 2022 में शामिल हुआ और FY22-26 के लिए इंसेंटिव का लाभ उठा रहा।
  • 46 कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स, लैपटॉप, सर्वर, हियरेबल्स के प्लांट्स ने इलेक्ट्रॉनिक्स को मैन्युफैक्चरिंग इकोनॉमी का प्रमुख इंजन बना दिया।​​
  • इस वर्ष चार सेमीकंडक्टर प्लांट्स व्यावसायिक उत्पादन शुरू करेंगे, जो सप्लाई चेन को आत्मनिर्भर बनाएंगे।​
  • अप्रैल-सितंबर 2025 में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 42 प्रतिशत बढ़कर 22.2 अरब डॉलर पहुंचा, जिसमें स्मार्टफोन्स मुख्य योगदानकर्ता रहे।

ये भी पढ़े: टाटा ग्रुप का बड़ा फैसला: Air India और एयर इंडिया एक्सप्रेस के लिए नए चीफ की तलाश शुरू, 2027 तक बड़ा बदलाव संभव

रोजगार क्रांति – लाखों जिंदगियां बदलीं

  • इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर ने 25 लाख प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा कीं; कुछ प्लांट्स में एक ही जगह 40,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत।​
  • Apple ने भारत में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष 3.5 लाख जॉब्स क्रिएट कीं, जबकि सैमसंग जैसे अन्य ब्रांड्स भी बड़ा योगदान दे रहे।
  • कई फैक्ट्रियां 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि ला रही।​

अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव – आंकड़ों की तुलना

संकेतक11 वर्षों में वृद्धिवर्तमान स्थिति
इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन6 गुनाटॉप-3 निर्यात वस्तु
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात8 गुनाटॉप-3 निर्यात वस्तु ​
  • पीएलआई ने 1.76 लाख करोड़ रुपये निवेश आकर्षित किया, 806 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली।
  • भारत अबApple का चीन के बाहर सबसे बड़ा निर्यात केंद्र बन गया, जो चाइना+1 रणनीति का प्रमाण है।

भविष्य की राह – स्टैक में भारत का दबदबा

  • मंत्री वैष्णव ने कहा, “यह तो शुरुआत है; भारत डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, ऑपरेटिंग सिस्टम, ऐप्लिकेशन्स, मटेरियल्स और इक्विपमेंट सहित पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स स्टैक में वैश्विक खिलाड़ी बनेगा।”​​
  • सैमसंग डिस्प्ले मॉड्यूल्स के लिए पीएलआई 2.0 की तैयारी में, चिप सोर्सिंग पर फोकस बढ़ा रहा।
  • चुनौतियां बरकरार: कंपोनेंट्स में आत्मनिर्भरता, आयात निर्भरता घटाना और उच्च मूल्य श्रृंखला विकसित करना।
  • अगले चरण में भारत स्मार्टफोन से आगे लैपटॉप, सर्वर, सेमीकंडक्टर और डिजाइन हब बनेगा, जो जीडीपी में बड़ा योगदान देगा।

ये भी पढ़े: Simple Energy ने भारत में लॉन्च की Gen 2 इलेक्ट्रिक स्कूटर रेंज

Leave a Comment

error: Content is protected !!