वेदांता चेयरमैन Anil Agarwal पर टूटा दुखों का पहाड़

बेटे अग्निवेश अग्रवाल के निधन पर बोले – “मेरे जीवन का सबसे अंधकारमय दिन”

देश के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल वेदांता ग्रुप के चेयरमैन Anil Agarwal के परिवार पर गहरा दुख टूट पड़ा है। उनके बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। इस दर्दनाक घटना की जानकारी खुद अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की।

“सब कुछ ठीक हो जाएगा, यही सोच रहे थे” – पिता का भावुक संदेश

Anil Agarwal ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि यह उनके जीवन का सबसे अंधकारमय दिन है। उन्होंने बताया कि अग्निवेश हाल ही में अमेरिका में स्कीइंग दुर्घटना का शिकार हुए थे, जिसके बाद उनका इलाज चल रहा था।

उन्होंने लिखा,
“हमें लग रहा था कि सबसे बुरा समय गुजर चुका है, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।”

परिवार के अनुसार, इलाज के दौरान ही अग्निवेश को अचानक हार्ट अटैक आया, जिससे उनका निधन हो गया।

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कौन थे अग्निवेश अग्रवाल

अग्निवेश अग्रवाल सिर्फ एक उद्योगपति के बेटे नहीं थे, बल्कि उन्होंने खुद भी कॉर्पोरेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाई थी।

संक्षिप्त प्रोफाइल:

  • जन्म: 1976
  • शिक्षा: मायो कॉलेज, अजमेर
  • पद:
    • पूर्व चेयरमैन, हिंदुस्तान जिंक
    • बोर्ड सदस्य, तलवंडी साबो पावर लिमिटेड
  • व्यवसाय: फुजैराह गोल्ड कंपनी से जुड़े रहे

वे नेतृत्व क्षमता, खेलों के प्रति रुचि और नवाचार सोच के लिए जाने जाते थे।

“मेरा बेटा, मेरा दोस्त, मेरा संसार”

Anil Agarwal ने अपने संदेश में बेटे को केवल पुत्र नहीं बल्कि अपना सबसे अच्छा मित्र और प्रेरणा बताया। उन्होंने लिखा कि अग्निवेश जीवन से भरपूर, ऊर्जावान और बड़े सपने देखने वाला इंसान था।

उन्होंने यह भी कहा कि अग्निवेश को भारत की क्षमताओं पर गहरा विश्वास था और वह हमेशा देश को आत्मनिर्भर बनाने की सोच रखता था।

उद्योग जगत में शोक, नेताओं ने जताई संवेदना

अग्निवेश अग्रवाल के निधन की खबर फैलते ही कॉर्पोरेट जगत, उद्योग संगठनों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया। कई उद्योगपतियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे एक अपूरणीय क्षति बताया।

समाज सेवा को लेकर Anil Agarwal का संकल्प

इस दुखद मौके पर Anil Agarwal ने एक बार फिर समाज के प्रति अपने संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि वे अपनी अधिकांश संपत्ति समाज कल्याण के लिए समर्पित करने के अपने निर्णय पर अडिग हैं।

उनका कहना है कि बेटे के विचार और आदर्श उन्हें आगे भी प्रेरणा देते रहेंगे।

एक निजी क्षति, लेकिन सार्वजनिक शोक

अग्निवेश अग्रवाल का निधन न केवल एक परिवार के लिए बल्कि भारतीय उद्योग जगत के लिए भी एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनकी सोच, नेतृत्व और समाज के प्रति दृष्टिकोण को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

डिस्क्लेमर:
यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध विश्वसनीय स्रोतों और परिवार द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है।

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