वीआईपी मूवमेंट वाले इलाकों में युद्धस्तर पर काम, नागरिकों ने उठाए स्थायित्व पर सवाल
हब्बल्ली | कर्नाटक के मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले Hubballi-Dharwad शहर में सफाई और सौंदर्यीकरण कार्यों ने रफ्तार पकड़ ली है। नगर निगम और जिला प्रशासन की टीमें प्रमुख सड़कों, चौराहों और कार्यक्रम स्थलों के आसपास विशेष अभियान चला रही हैं। प्रशासन का दावा है कि यह अभियान केवल औपचारिक नहीं, बल्कि नियमित व्यवस्था का हिस्सा है, जबकि स्थानीय नागरिक इसे वीआईपी-केंद्रित तैयारी बता रहे हैं।
मुख्य सड़कों पर विशेष ध्यान, रात में भी जारी काम
नगर निगम द्वारा शहर की प्रमुख सड़कों जैसे गोकुल रोड, मंतूर रोड, वाणी विलास सर्कल और कार्यक्रम स्थल तक जाने वाले मार्गों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
इन इलाकों में:
- सड़क किनारे जमी धूल और कचरे की सफाई
- नालियों की सफाई और कचरा उठाने का काम
- डिवाइडर, फुटपाथ और साइन बोर्ड की मरम्मत
- गड्ढों को अस्थायी रूप से भरने की प्रक्रिया
रात के समय भी सफाई कर्मियों को तैनात किया गया है ताकि यातायात प्रभावित न हो।
प्रशासन का दावा: यह सिर्फ वीआईपी दौरे तक सीमित नहीं
Hubballi-Dharwad नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान मुख्यमंत्री के दौरे तक सीमित नहीं है।
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, शहर में नियमित सफाई कार्य पहले से चल रहा है और मौजूदा अभियान उसी का विस्तारित रूप है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी ज़ोन में समान रूप से सफाई कार्य किए जा रहे हैं।
नागरिकों और सामाजिक संगठनों की आपत्ति
हालांकि, स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि सफाई अभियान मुख्यमंत्री के मार्ग और कार्यक्रम स्थलों तक ही सीमित दिखाई दे रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि:
- आंतरिक कॉलोनियों और बाहरी वार्डों में हालात जस के तस बने हुए हैं
- वीआईपी दौरे के बाद सफाई व्यवस्था फिर ढीली पड़ जाती है
- स्थायी समाधान के बजाय अस्थायी सजावट पर ज़ोर दिया जाता है
नागरिकों का सवाल है कि यदि नियमित सफाई व्यवस्था इतनी ही प्रभावी है, तो शहर को हर वीआईपी दौरे से पहले “विशेष अभियान” की ज़रूरत क्यों पड़ती है।
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बड़े राजनीतिक कार्यक्रम की तैयारियां भी चरम पर
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान शहर में एक बड़ा सरकारी कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हजारों लाभार्थियों को आवास आवंटन किया जाना है।
इस कार्यक्रम में वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और बड़ी संख्या में आम लोगों की मौजूदगी रहने की संभावना है, जिसके चलते प्रशासन किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचना चाहता है।
विशेषज्ञों की राय: सफाई को बने स्थायी नीति का हिस्सा
शहरी विकास से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि:
- सफाई को कार्यक्रम-आधारित नहीं, बल्कि नीति-आधारित बनाना होगा
- वार्ड-स्तर पर जवाबदेही तय करना ज़रूरी है
- नागरिक सहभागिता के बिना स्वच्छता अभियान लंबे समय तक सफल नहीं हो सकता
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यही संसाधन और निगरानी साल भर बनी रहे, तो Hubballi-Dharwad वास्तव में स्वच्छ और व्यवस्थित शहर बन सकता है।
निष्कर्ष: दौरे से पहले नहीं, हर दिन दिखे सफाई
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले तेज़ हुआ सफाई अभियान प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है, लेकिन असली परीक्षा दौरे के बाद होगी।
शहरवासियों की अपेक्षा है कि स्वच्छता केवल वीआईपी कार्यक्रमों तक सीमित न रहे, बल्कि स्थायी व्यवस्था और नियमित निगरानी का हिस्सा बने, ताकि Hubballi-Dharwad को वास्तव में स्वच्छ और रहने योग्य शहर बनाया जा सके।
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