स्टार किड का अलग रास्ता: गांवों में ₹4500 की नौकरी कर रहे अक्षय कुमार के बेटे Aarav Bhatia

बॉलीवुड सुपरस्टार Akshay Kumar के बेटे Aarav Bhatia इन दिनों अपने अनोखे करियर फैसले को लेकर सुर्खियों में हैं। जहां ज्यादातर स्टार किड्स फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री लेते हैं, वहीं आरव ने एक बिल्कुल अलग और जमीनी रास्ता चुना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह इन दिनों गांवों में रहकर मात्र ₹4500 महीने की नौकरी कर रहे हैं और फैशन की बारीकियां सीख रहे हैं।

गांवों में रहकर सीख रहे असली फैशन

सूत्रों के अनुसार, Aarav Bhatia किसी लग्जरी इंस्टीट्यूट या बड़े ब्रांड के साथ नहीं, बल्कि ग्रासरूट लेवल पर काम करते हुए फैशन इंडस्ट्री को समझना चाहते हैं

  • पारंपरिक टेक्सटाइल और लोकल कारीगरी पर फोकस
  • गांवों में रहकर डिजाइन और प्रोडक्शन प्रोसेस को समझना
  • कम संसाधनों में काम करने का अनुभव लेना

यह अप्रोच बताती है कि उनका लक्ष्य सिर्फ ग्लैमर नहीं, बल्कि क्राफ्ट की गहराई को समझना है।

बॉलीवुड से दूरी, पैशन को प्राथमिकता

Akshay Kumar ने भी एक इंटरव्यू में साफ किया है कि उनके बेटे Aarav Bhatia की फिल्मों में आने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। Aarav Bhatia का पूरा ध्यान फैशन इंडस्ट्री में करियर बनाने पर है। यह फैसला उस ट्रेंड से बिल्कुल अलग है, जहां स्टार किड्स अक्सर आसान रास्ता चुनते हैं।

सादगी भरी लाइफस्टाइल ने खींचा ध्यान

Aarav Bhatia की जीवनशैली भी उनके फैसले की तरह ही अलग है:

  • लग्जरी लाइफ से दूरी
  • सस्टेनेबल और सिंपल लिविंग पर जोर
  • खुद कमाकर सीखने की सोच

बताया जा रहा है कि वह महंगे ब्रांड्स के बजाय थ्रिफ्ट और जिम्मेदार फैशन को ज्यादा महत्व देते हैं, जो आज के समय में एक उभरता हुआ ट्रेंड है।

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पैरेंटिंग का असर: स्वतंत्र सोच को मिला बढ़ावा

Akshay Kumar अपने बच्चों को स्वतंत्र फैसले लेने की आजादी देने के लिए जाने जाते हैं। उनका मानना है कि बच्चों को अपने अनुभव से सीखने देना चाहिए, और यही सोच आरव के फैसलों में साफ झलकती है।

क्यों खास है यह कदम?

फैशन और करियर एक्सपर्ट्स के अनुसार, आरव का यह फैसला कई मायनों में महत्वपूर्ण है:

1. स्किल-बेस्ड लर्निंग पर फोकस
सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि असली अनुभव हासिल करना

2. सस्टेनेबल फैशन की समझ
भविष्य का फैशन पर्यावरण और लोकल कारीगरी से जुड़ा है

3. सेल्फ-मेड आइडेंटिटी
परिवार के नाम से अलग खुद की पहचान बनाना

युवाओं के लिए क्या है सीख?

Aarav Bhatia की यह कहानी आज के युवाओं के लिए एक मजबूत संदेश देती है:

  • करियर में पैशन को प्राथमिकता दें
  • छोटे स्तर से शुरुआत करने में हिचकिचाएं नहीं
  • असली सीख किताबों से नहीं, अनुभव से मिलती है

बदलता ट्रेंड: स्टार किड्स की नई सोच

हाल के वर्षों में कुछ स्टार किड्स पारंपरिक रास्तों से हटकर नए क्षेत्रों में करियर बना रहे हैं। Aarav Bhatia का यह कदम इस बदलाव का एक मजबूत उदाहरण है, जहां ग्लैमर से ज्यादा स्किल और सस्टेनेबिलिटी को महत्व दिया जा रहा है

निष्कर्ष

Aarav Bhatia ने यह साबित कर दिया है कि सफलता का रास्ता सिर्फ आसान विकल्पों से नहीं बनता। गांवों में रहकर, कम सैलरी पर काम करते हुए और जमीनी स्तर से सीखते हुए वह एक नई सोच और नई दिशा की मिसाल पेश कर रहे हैं। यह कहानी सिर्फ एक स्टार किड की नहीं, बल्कि उस नई पीढ़ी की है जो मेहनत, सादगी और असली सीख को प्राथमिकता दे रही है।

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