Hubballi Toy Train अब भी बंद, करोड़ों की परियोजना बनी शोपीस

हब्बल्ली (कर्नाटक):
स्मार्ट सिटी योजना के तहत हब्बल्ली शहर को आधुनिक और पर्यटक-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई Toy Train परियोजना अब तक आम लोगों के लिए शुरू नहीं हो सकी है। महात्मा गांधी पार्क में स्थापित यह टॉय ट्रेन, जिस पर करीब 4.2 करोड़ रुपये खर्च किए गए, महीनों बाद भी बंद पड़ी है और लोगों की खुशी का सफर अधूरा ही बना हुआ है।

बच्चों के मनोरंजन के लिए बनी थी Toy Train, पर नहीं हो सकी शुरुआत

इस Toy Train का उद्देश्य पार्क में आने वाले बच्चों और परिवारों को एक अनोखा मनोरंजन अनुभव देना था। माना जा रहा था कि इससे न केवल पार्क की रौनक बढ़ेगी, बल्कि शहर में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
हालांकि ट्रेन की पटरियाँ, डिब्बे और स्टेशन तैयार होने के बावजूद तकनीकी खराबियों के चलते इसे अब तक चालू नहीं किया जा सका।

इंजन खराबी बनी सबसे बड़ी बाधा

नगर निगम और स्मार्ट सिटी अधिकारियों के अनुसार, Toy Train के दो इंजनों में से एक इंजन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना अतिरिक्त इंजन के ट्रेन का सुरक्षित संचालन संभव नहीं है।
यही कारण है कि पूरी परियोजना तैयार होने के बाद भी संचालन शुरू नहीं किया जा सका।

प्रशासन का आश्वासन, लेकिन ज़मीनी हकीकत अलग

पिछले वर्ष दिसंबर में इस मुद्दे के सामने आने के बाद हब्बल्ली-धारवाड़ नगर निगम (HDMC) के अधिकारियों ने दावा किया था कि मरम्मत कार्य पूरा कर एक सप्ताह के भीतर टॉय ट्रेन शुरू कर दी जाएगी
लेकिन समय बीतने के बावजूद न तो इंजन बदला गया और न ही कोई नई समय-सीमा घोषित की गई, जिससे जनता में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।

जनता में नाराज़गी, उठ रहे सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के सवाल

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस परियोजना का यूँ बंद पड़ा रहना सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का उदाहरण है।
लोगों का मानना है कि यदि समय रहते रखरखाव और तकनीकी जांच की जाती, तो आज यह टॉय ट्रेन बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी होती।

ये भी पढ़े: लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हुआ उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar का विमान, जांच के आदेश

स्मार्ट सिटी परियोजनाओं पर फिर उठे सवाल

यह मामला केवल एक Toy Train तक सीमित नहीं है। हब्बल्ली में स्मार्ट सिटी योजना के तहत शुरू की गई कई परियोजनाओं को लेकर पहले भी देरी और रखरखाव की कमी के आरोप लगते रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी शहरी परियोजना की सफलता केवल निर्माण से नहीं, बल्कि निरंतर संचालन और रखरखाव से तय होती है।

आगे क्या? अब भी इंतज़ार में शहरवासी

फिलहाल प्रशासन की ओर से Toy Train के संचालन को लेकर कोई स्पष्ट नई तारीख सामने नहीं आई है। शहरवासियों की मांग है कि या तो जल्द से जल्द मरम्मत कर ट्रेन शुरू की जाए, या फिर परियोजना की स्थिति पर स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी दी जाए।

निष्कर्ष

हब्बल्ली की Toy Train, जो स्मार्ट सिटी का प्रतीक बनने वाली थी, आज प्रशासनिक लापरवाही और तकनीकी समस्याओं के चलते सिर्फ एक निष्क्रिय ढांचा बनकर रह गई है। अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो यह परियोजना उम्मीदों से ज़्यादा निराशा की मिसाल बन सकती है।

ये भी पढ़े: Rimi Sen का हैरान करने वाला ट्रांसफॉर्मेशन, सोशल मीडिया पर उठा सवाल – क्या करवाई प्लास्टिक सर्जरी? अभिनेत्री ने खुद बताया सच

Leave a Comment

error: Content is protected !!