Venezuelan संकट के बीच वैश्विक बाजार में नरमी, निवेशकों की नजर आपूर्ति पर
वैश्विक तेल बाजार में एक बार फिर हलचल देखने को मिली है। अमेरिका द्वारा Venezuelan के राष्ट्रपति निकोलस मडुरो को हिरासत में लिए जाने के बाद शुरुआती तेजी के बावजूद कच्चे तेल की कीमतें दोबारा गिरावट की ओर लौट आई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में निवेशकों ने इस घटनाक्रम को दीर्घकालिक आपूर्ति बढ़ने की संभावना के रूप में देखा, जिससे तेल दामों पर दबाव बना।
ब्रेंट और WTI क्रूड में कमजोरी
शुरुआती उछाल के बाद कीमतें फिसलीं
सोमवार के कारोबारी सत्र में—
- ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई
- WTI क्रूड भी नीचे के स्तरों पर कारोबार करता दिखा
विश्लेषकों के अनुसार, बाजार ने यह मान लिया है कि वेनेज़ुएला से भविष्य में तेल आपूर्ति बढ़ सकती है, जिससे वैश्विक आपूर्ति संतुलन मजबूत होगा। इसी धारणा ने कीमतों को नीचे की ओर धकेला।
Venezuelan का तेल वैश्विक बाजार के लिए क्यों अहम
दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में शामिल देश
Venezuelan के पास दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार हैं। हालांकि, बीते वर्षों में राजनीतिक अस्थिरता, प्रतिबंधों और निवेश की कमी के चलते वहां का तेल उत्पादन काफी घट गया था।
अब मडुरो की गिरफ्तारी के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि—
- Venezuelan के ऊर्जा क्षेत्र में विदेशी निवेश बढ़ सकता है
- अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां उत्पादन बढ़ाने में भूमिका निभा सकती हैं
इसी संभावित आपूर्ति वृद्धि को बाजार पहले से ही कीमतों में शामिल करता दिख रहा है।
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क्यों नहीं बढ़ीं तेल कीमतें
बाजार ने दीर्घकालिक आपूर्ति को प्राथमिकता दी
आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव के दौरान तेल की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस मामले में स्थिति उलट रही। विशेषज्ञों का कहना है कि—
- बाजार ने इसे आपूर्ति बाधा के बजाय आपूर्ति अवसर के रूप में देखा
- वैश्विक स्तर पर फिलहाल तेल की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है
- मांग में बहुत तेज़ उछाल नहीं है
इसी वजह से कीमतों में स्थायी तेजी देखने को नहीं मिली।
निवेशकों का रुख बदला
जोखिम से बचाव की रणनीति
तेल बाजार में अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया है। सोना और अन्य सुरक्षित परिसंपत्तियों में हल्की मजबूती देखी गई, जबकि कमोडिटी बाजार में सतर्कता का माहौल बना रहा।
विशेषज्ञों की राय
अल्पकालिक दबाव, लेकिन लंबी अवधि पर नजर
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि—
- अल्पकालिक रूप से तेल कीमतों पर दबाव बना रह सकता है
- दीर्घकालिक रुझान इस बात पर निर्भर करेगा कि वेनेज़ुएला वास्तव में कितना उत्पादन बढ़ा पाता है
- किसी भी बड़े बदलाव में समय लगेगा, इसलिए तुरंत सप्लाई बढ़ना संभव नहीं
बाजार फिलहाल घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
निष्कर्ष
भू-राजनीति और आपूर्ति उम्मीदों के बीच फंसा तेल बाजार
अमेरिका की कार्रवाई के बाद Venezuelan संकट ने तेल बाजार में नई दिशा दी है। जहां एक ओर राजनीतिक अस्थिरता चिंता बढ़ाती है, वहीं दूसरी ओर संभावित उत्पादन वृद्धि ने तेल कीमतों को नीचे की ओर मोड़ दिया है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि वेनेज़ुएला की ऊर्जा नीति और वैश्विक मांग किस तरह आगे बढ़ती है।
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