Honour killing के खिलाफ दलित संगठनों का मौन विरोध, हब्बल्ली में न्याय की मांग को लेकर निकली रैली

हब्बल्ली (कर्नाटक):
कर्नाटक के हब्बल्ली शहर में दलित संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने Honour killing की एक घटना के विरोध में मौन विरोध रैली निकालकर कड़ा संदेश दिया है। प्रदर्शनकारियों ने इस अमानवीय अपराध की निंदा करते हुए दोषियों को सख्त सजा देने और जाति-आधारित हिंसा पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की।

यह रैली हाल ही में हब्बल्ली तालुक के एक गांव में हुई एक युवती की कथित ऑनर किलिंग के विरोध में आयोजित की गई थी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवती ने अंतर-जातीय विवाह किया था। आरोप है कि परिवार के कुछ सदस्यों ने इसे ‘सम्मान के खिलाफ’ बताते हुए उसकी हत्या कर दी।
घटना सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और कुछ आरोपियों को हिरासत में भी लिया गया है।

इस मामले ने एक बार फिर राज्य में Honour killing और जातिगत मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मौन रैली के जरिए जताया गया विरोध

सोमवार को दलित संगठनों और सामाजिक समूहों ने शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मौन रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर बिना नारेबाजी के अपना विरोध दर्ज कराया।
रैली का उद्देश्य सरकार और प्रशासन का ध्यान इस गंभीर सामाजिक समस्या की ओर आकर्षित करना था।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मौन विरोध उनके गुस्से और पीड़ा का प्रतीक है, क्योंकि ऐसी घटनाएं संविधान द्वारा दिए गए समानता के अधिकार को चुनौती देती हैं।

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सामाजिक और धार्मिक नेताओं की भागीदारी

रैली में कई सामाजिक और धार्मिक नेताओं ने भी हिस्सा लिया। वक्ताओं ने कहा कि
Honour killing केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सोच और जातिगत भेदभाव की गहरी जड़ें दिखाता है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक समाज की मानसिकता नहीं बदलेगी, तब तक ऐसे अपराध पूरी तरह खत्म नहीं होंगे।

प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन

रैली के समापन पर प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें

  • मामले की फास्ट-ट्रैक सुनवाई,
  • दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा,
  • और अंतर-जातीय विवाह करने वालों को सुरक्षा और कानूनी संरक्षण देने की मांग की गई।

संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि न्याय में देरी हुई, तो राज्य स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

कर्नाटक में Honour killing पर बढ़ती चिंता

हाल के वर्षों में कर्नाटक समेत देश के कई हिस्सों में Honour killing के मामले सामने आए हैं। सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा, जागरूकता और कानून के सख्त क्रियान्वयन के बिना इस समस्या पर काबू पाना मुश्किल है।

सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह केवल बयानबाजी तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाए।

सामाजिक संदेश और निष्कर्ष

हब्बल्ली में निकाली गई यह मौन रैली एक स्पष्ट संदेश देती है कि
समाज अब Honour killing जैसी क्रूर प्रथा को स्वीकार करने को तैयार नहीं है।

यह विरोध केवल एक घटना के खिलाफ नहीं, बल्कि जाति-आधारित हिंसा और भेदभाव के पूरे ढांचे के खिलाफ है।
न्याय, समानता और मानवाधिकार की मांग को लेकर उठी यह आवाज आने वाले समय में बड़े सामाजिक बदलाव की नींव बन सकती है।

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