हुब्बल्ली-धारवाड़ नगर निगम (HDMC) की हालिया आम बैठक में शहर की सिटी वाटर कंपनी (City Water Company) से जुड़ा प्रस्ताव भ्रम और विरोध के चलते फिलहाल रोक दिया गया। पार्षदों के बीच तीखी बहस और स्पष्ट जानकारी के अभाव को देखते हुए अब इस अहम मुद्दे पर 10 फरवरी को विशेष आम बैठक (GBM) बुलाने का फैसला किया गया है।
प्रस्ताव पर सवाल ही सवाल, बैठक में क्यों बनी असमंजस की स्थिति
बैठक के दौरान कई पार्षदों ने सिटी वाटर कंपनी के गठन, उसकी भूमिका और कानूनी स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि प्रस्ताव से जुड़े कई बिंदु न तो पहले स्पष्ट किए गए और न ही पार्षदों को समय रहते जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए।
कुछ सदस्यों ने दावा किया कि इस प्रस्ताव को पहले कभी औपचारिक रूप से मंजूरी नहीं दी गई थी, जबकि अधिकारियों की ओर से इसके विपरीत तर्क रखे गए।
वर्ल्ड बैंक शर्तों को लेकर भी उठी आपत्ति
नगर निगम प्रशासन ने बताया कि यह प्रस्ताव वर्ल्ड बैंक से जुड़ी फंडिंग शर्तों के तहत लाया गया है। हालांकि, पार्षदों ने सवाल किया कि यदि यह शर्त पहले से लागू थी, तो अब अचानक कंपनी गठन की जरूरत क्यों पड़ी।
कई सदस्यों ने मांग की कि वर्ल्ड बैंक से संबंधित सभी शर्तें, समझौते और पत्राचार को सार्वजनिक रूप से परिषद के सामने रखा जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
अधिकारों को लेकर चिंता, HDMC की भूमिका पर बहस
बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि प्रस्तावित सिटी वाटर कंपनी में HDMC की वास्तविक भूमिका क्या होगी। पार्षदों ने आपत्ति जताई कि जब कंपनी की जिम्मेदारी नगर निगम की है, तो इसके अध्यक्ष पद पर राज्य शहरी विकास विभाग के अधिकारी को क्यों रखा जा रहा है।
इससे नगर निगम के अधिकार कमजोर होने और निर्णय प्रक्रिया बाहरी एजेंसियों के हाथ में जाने की आशंका जताई गई।
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जल आपूर्ति की जमीनी हकीकत ने बढ़ाई नाराजगी
प्रस्ताव पर चर्चा के साथ-साथ बैठक में शहर की अनियमित जल आपूर्ति भी बड़ा मुद्दा बनी। पार्षदों ने बताया कि कई वार्डों में:
- 4 से 7 दिन में एक बार पानी मिल रहा है
- पाइपलाइन कार्य अधूरा है
- सड़कों पर खुले गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं
ठेकेदार कंपनियों पर काम में लापरवाही के आरोप भी लगाए गए, जिससे नागरिकों की परेशानी बढ़ रही है।
विशेष बैठक में क्या होगा एजेंडा
HDMC ने निर्णय लिया है कि 10 फरवरी को होने वाली विशेष आम बैठक में निम्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी:
- सिटी वाटर कंपनी गठन का उद्देश्य और कानूनी ढांचा
- वर्ल्ड बैंक से जुड़ी शर्तों की स्पष्ट जानकारी
- जल आपूर्ति परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति
- ठेकेदारों की जवाबदेही
- शहरवासियों को नियमित और सुरक्षित पानी की योजना
नागरिकों की उम्मीदें और प्रशासन की चुनौती
हुब्बल्ली-धारवाड़ में लंबे समय से 24×7 जल आपूर्ति का वादा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर अब भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना स्पष्ट योजना और पारदर्शी व्यवस्था के कोई भी नई कंपनी शहर की पानी समस्या का स्थायी समाधान नहीं दे पाएगी।
निष्कर्ष
सिटी वाटर कंपनी का प्रस्ताव फिलहाल भले ही टल गया हो, लेकिन यह मुद्दा आने वाले दिनों में नगर निगम की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए अहम रहने वाला है। 10 फरवरी की विशेष बैठक से यह तय होगा कि शहर की जल व्यवस्था किस दिशा में आगे बढ़ेगी और क्या नागरिकों को लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या से राहत मिल पाएगी।
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