हब्बल्ली।
हब्बल्ली-धारवाड़ की ऐतिहासिक Kelgeri Lake को फिर से जीवन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शहरी विकास प्राधिकरण और नगर निगम द्वारा झील के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यावरणीय पुनर्जीवन के लिए एकीकृत विकास योजना (Integrated Development Plan) का अनावरण किया गया है। यह योजना न केवल झील की बिगड़ती हालत को सुधारने का प्रयास है, बल्कि शहर के पर्यावरण संतुलन और नागरिक सुविधाओं को भी नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
कभी जीवनरेखा रही Kelgeri Lake, अब अस्तित्व की लड़ाई में
लगभग 230 एकड़ क्षेत्रफल में फैली केलगेरी झील कभी हब्बल्ली-धारवाड़ क्षेत्र की प्रमुख जल संरचनाओं में से एक थी। समय के साथ तेज़ शहरीकरण, अतिक्रमण और अव्यवस्थित सीवेज व्यवस्था के कारण झील की स्थिति लगातार खराब होती चली गई।
वर्तमान में झील का बड़ा हिस्सा जल कुंभी (वॉटर हायसिंथ) से ढका हुआ है, जिससे पानी में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो गई है और जलीय जीवन पर गंभीर असर पड़ा है।
सीवेज प्रदूषण बना सबसे बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, झील के प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह आसपास के इलाकों से आने वाला अशोधित सीवेज है। कई रिहायशी क्षेत्रों में अब तक अंडरग्राउंड ड्रेनेज (UGD) की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी सीधे झील में प्रवेश कर रहा है। यही कारण है कि झील के स्थायी सुधार के लिए केवल सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे में सुधार को भी प्राथमिकता दी गई है।
पहले चरण में 25 करोड़ रुपये का निवेश
एकीकृत विकास योजना के पहले चरण में लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि में विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी स्रोतों का योगदान शामिल है।
इस बजट का उपयोग झील की सफाई, पर्यावरण सुधार, नागरिक सुविधाओं और आधुनिक तकनीकों के कार्यान्वयन पर किया जाएगा।
नैनो-बबल तकनीक से सुधरेगी पानी की गुणवत्ता
योजना का एक अहम हिस्सा है नैनो-बबल टेक्नोलॉजी, जिस पर लगभग 2 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस तकनीक के माध्यम से पानी में सूक्ष्म बुलबुले छोड़े जाएंगे, जिससे ऑक्सीजन स्तर बढ़ेगा, दुर्गंध कम होगी और प्रदूषक तत्वों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। देश के कई हिस्सों में इस तकनीक के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
नागरिकों के लिए विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं
Kelgeri Lake के आसपास के क्षेत्र को एक सार्वजनिक और पर्यावरण-अनुकूल स्थान के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके तहत:
- झील के चारों ओर हरित पट्टी और लैंडस्केपिंग
- पैदल चलने के लिए वॉकिंग ट्रैक
- बैठने के लिए बेंच और विश्राम स्थल
- स्ट्रीट लाइटिंग और पार्किंग सुविधा
- मौजूदा ओपन जिम का नवीनीकरण
इन सुविधाओं से स्थानीय नागरिकों, बुजुर्गों और युवाओं को स्वास्थ्य व मनोरंजन के बेहतर विकल्प मिलेंगे।
स्थायी समाधान के लिए UGD परियोजना अनिवार्य
अधिकारियों का मानना है कि झील के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए अंडरग्राउंड ड्रेनेज परियोजना को लागू करना अनिवार्य है।
इस व्यापक परियोजना पर अनुमानित 500 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आ सकता है। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर राज्य सरकार को भेजने की तैयारी की जा रही है।
पर्यावरण और शहर दोनों के लिए अहम परियोजना
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, Kelgeri Lake का पुनर्जीवन केवल एक स्थानीय परियोजना नहीं है, बल्कि यह पूरे हब्बल्ली-धारवाड़ क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
झील के सुधरने से:
- भूजल स्तर में सुधार
- स्थानीय जलवायु पर सकारात्मक प्रभाव
- पक्षियों और जलीय जीवों की वापसी
- शहर को एक नया सार्वजनिक हरित स्थल
जैसे दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
Kelgeri Lake के विकास के लिए शुरू की गई यह एकीकृत योजना प्रशासन की एक दूरदर्शी पहल मानी जा रही है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब सौंदर्यीकरण के साथ-साथ सीवेज प्रबंधन और रख-रखाव पर भी निरंतर ध्यान दिया जाए।
यदि यह परियोजना तय समय और गुणवत्ता के साथ पूरी होती है, तो केलगेरी झील हब्बल्ली-धारवाड़ के लिए पर्यावरण संरक्षण का मॉडल बन सकती है।