कर्नाटक के हब्बल्ली में स्थित 1.06 एकड़ जमीन के सौदे से जुड़ा अहम खुलासा
हब्बल्ली (कर्नाटक) — देश की जानी-मानी इलेक्ट्रिकल उपकरण निर्माता कंपनी Kirloskar Electric Company Limited ने हब्बल्ली में स्थित अपनी एक अचल संपत्ति की बिक्री से जुड़े समझौते में ऐडेंडम (संशोधन) पर हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी ने यह जानकारी शेयर बाजारों को नियामकीय प्रक्रिया के तहत दी है।
यह ऐडेंडम 20 मार्च 2024 को किए गए मूल बिक्री समझौते से संबंधित है, जबकि नया संशोधन 26 दिसंबर 2025 को निष्पादित किया गया।
किस संपत्ति से जुड़ा है यह सौदा
Kirloskar Electric कंपनी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह संपत्ति हब्बल्ली शहर के गोकुल रोड क्षेत्र में स्थित है।
संपत्ति का विवरण:
- स्थान: गोकुल रोड, हब्बल्ली-धारवाड़ नगर निगम क्षेत्र
- वार्ड: 36
- सर्वे नंबर: 88/B और 88/89
- कुल क्षेत्रफल: लगभग 1.06 एकड़ (करीब 4,298 वर्ग मीटर)
यह संपत्ति कंपनी की गैर-प्रमुख परिसंपत्तियों (Non-core Assets) में शामिल मानी जाती है।
ऐडेंडम में क्या बदला और क्या नहीं
Kirloskar Electric ने स्पष्ट किया है कि इस ऐडेंडम के माध्यम से:
- मूल बिक्री मूल्य में कोई बदलाव नहीं किया गया है
- सौदे की मुख्य शर्तें पहले जैसी ही बनी हुई हैं
- संशोधन केवल तकनीकी और निष्पादन से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया गया है
यानी यह संशोधन लेन-देन की प्रकृति या आर्थिक ढांचे को प्रभावित नहीं करता।
कौन हैं संपत्ति के खरीदार
इस संपत्ति की बिक्री के लिए जिन खरीदारों के नाम सामने आए हैं, वे हैं:
- श्रेया कौजालगी
- सुष्मिता विजयकुमार नीरानी
Kirloskar Electric कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना में यह भी स्पष्ट किया है कि ये दोनों खरीदार कंपनी के प्रमोटर या प्रमोटर समूह से संबंधित नहीं हैं। इससे यह सौदा Related Party Transaction की श्रेणी में नहीं आता और पारदर्शिता बनी रहती है।
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शेयर बाजार को नियमानुसार दी गई जानकारी
Kirloskar Electric ने इस ऐडेंडम की जानकारी SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के तहत Regulation 30 के अनुसार समय पर BSE और NSE को दी।
इस तरह का खुलासा निवेशकों को कंपनी की परिसंपत्ति प्रबंधन रणनीति को समझने में मदद करता है और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कंपनी की रणनीति में संपत्ति बिक्री का महत्व
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की संपत्ति बिक्री और उससे जुड़े संशोधन आमतौर पर:
- गैर-जरूरी परिसंपत्तियों से पूंजी जुटाने
- कार्यशील पूंजी (Working Capital) में सुधार
- कर्ज प्रबंधन या भविष्य की व्यावसायिक जरूरतों
- संचालन को अधिक कुशल बनाने
जैसे उद्देश्यों के लिए किए जाते हैं। यह संकेत देता है कि कंपनी अपने संसाधनों का पुनर्गठन कर रही है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है यह अपडेट
शेयर बाजार विश्लेषकों का मानना है कि:
- सौदे की शर्तों में बदलाव न होना निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है
- पारदर्शी खुलासा कंपनी की विश्वसनीयता बढ़ाता है
- संपत्ति मोनेटाइजेशन से वित्तीय स्थिति को सहारा मिल सकता है
हालांकि, इस लेन-देन का कंपनी के शेयर मूल्य पर दीर्घकालिक प्रभाव कंपनी के समग्र वित्तीय प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
निष्कर्ष
हब्बल्ली में स्थित संपत्ति की बिक्री से जुड़े समझौते में ऐडेंडम पर हस्ताक्षर करना Kirloskar Electric Company Limited की एक नियमित लेकिन महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट प्रक्रिया है। यह कदम न केवल नियामकीय अनुपालन को दर्शाता है, बल्कि कंपनी की संपत्ति प्रबंधन और वित्तीय रणनीति की दिशा भी स्पष्ट करता है।
निवेशकों और बाजार सहभागियों के लिए यह अपडेट कंपनी के पारदर्शी संचालन और दीर्घकालिक योजना का एक और संकेत है।
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