हब्बल्ली, कर्नाटक – स्मार्ट सिटी और आधुनिक शहरी ढांचे का प्रतीक मानी जाने वाली हब्बल्ली की TenderSURE Road आज बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी का उदाहरण बनती जा रही है। इस प्रमुख सड़क पर लगी अधिकांश स्ट्रीटलाइटें पिछले लगभग एक वर्ष से खराब पड़ी हैं, जिससे रात के समय आम लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मॉडल सड़क, लेकिन ज़मीनी हकीकत चिंताजनक
TenderSURE Road को आर्ट्स कॉलेज से तोलंकरे तक एक आदर्श शहरी सड़क के रूप में विकसित किया गया था। चौड़े फुटपाथ, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और आधुनिक लाइटिंग इसकी पहचान थी। हालांकि, वर्तमान स्थिति इससे बिल्कुल उलट है। शाम ढलते ही सड़क का बड़ा हिस्सा अंधेरे में चला जाता है, जिससे पैदल यात्रियों और वाहन चालकों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
144 में से अधिकांश स्ट्रीटलाइटें बंद
स्थानीय प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, इस सड़क पर कुल 144 स्ट्रीटलाइटें लगाई गई थीं।
- 72 लाइटें फुटपाथ पर
- 72 लाइटें रोड के मीडियन पर
लेकिन जमीनी हालात यह हैं कि फुटपाथ पर लगी लगभग सभी लाइटें बंद हैं, जबकि मीडियन की भी केवल कुछ ही लाइटें काम कर रही हैं। इससे सड़क पार करना और पैदल चलना जोखिम भरा हो गया है।
रात में बढ़ता खतरा, लोग मजबूरन सड़क पर चलने को मजबूर
स्थानीय निवासियों का कहना है कि फुटपाथों पर अंधेरा होने के कारण लोग मुख्य सड़क पर चलने को मजबूर हैं, जहां तेज़ रफ्तार वाहनों से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसके अलावा फुटपाथों पर अवैध पार्किंग और अस्थायी दुकानों का कब्ज़ा समस्या को और गंभीर बना रहा है।
ये भी पढ़े: Super Bowl 2026: Bad Bunny को Katy Perry और Jennifer Lopez का समर्थन, हाफटाइम शो में रचने जा रहे हैं इतिहास
नगर निगम को कई बार दी गई शिकायतें
नागरिकों ने हब्बल्ली-धारवाड़ नगर निगम (HDMC) को कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
पूर्व कॉर्पोरेटर का सवाल – बुनियादी सुविधा भी क्यों नहीं?
पूर्व कॉर्पोरेटर महेश बुरली ने इस मुद्दे पर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को किसी नए प्रोजेक्ट की नहीं, बल्कि पहले से मौजूद बुनियादी सुविधाओं के सही रखरखाव की जरूरत है। उनके अनुसार, स्ट्रीटलाइट जैसी मूलभूत सुविधा का लंबे समय तक खराब रहना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
नगर निगम का दावा – जल्द बदली जाएंगी लाइटें
HDMC आयुक्त रुद्रेश घली ने माना कि खराब स्ट्रीटलाइटें सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उन्होंने बताया कि शहर में एक नया LED स्ट्रीटलाइट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है और प्राथमिकता के आधार पर प्रमुख सड़कों पर लाइटें बदली जाएंगी।
हालांकि, स्थानीय लोग अब आश्वासन नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर काम होते देखना चाहते हैं।
सिर्फ एक सड़क नहीं, पूरे शहर की समस्या
गौर करने वाली बात यह है कि स्ट्रीटलाइट की समस्या सिर्फ टेंडरशोर रोड तक सीमित नहीं है। हब्बल्ली-धारवाड़ के कई इलाकों से लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं, जहां शिकायत दर्ज होने के बावजूद कई-कई दिनों तक लाइटें ठीक नहीं होतीं।
क्यों ज़रूरी है तुरंत कार्रवाई
- रात में सड़क हादसों का खतरा
- महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर असर
- स्मार्ट सिटी की छवि को नुकसान
- जनता का प्रशासन से भरोसा कम होना
समाधान की दिशा में क्या किया जाना चाहिए
- स्ट्रीटलाइट मेंटेनेंस के लिए तय समयसीमा
- फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने की नियमित कार्रवाई
- नागरिक शिकायतों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग
- जवाबदेही तय करने की स्पष्ट व्यवस्था
निष्कर्ष
TenderSURE Road जैसी अहम सड़क पर अंधेरा केवल असुविधा नहीं, बल्कि एक गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा मुद्दा है। अगर प्रशासन समय रहते ठोस कदम नहीं उठाता, तो यह समस्या किसी बड़ी घटना का कारण बन सकती है।
ये भी पढ़े: मैरी कॉम और द फैमिली मैन 3 फेम अभिनेता Sunil Thapa का निधन, 68 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा