भारत के EV बाजार में बड़ा उलटफेर, Tata अब भी नंबर-1 लेकिन Mahindra की रफ्तार ने बदला पूरा खेल
भारत का इलेक्ट्रिक व्हीकल बाजार अब तेजी से नए दौर में प्रवेश कर चुका है। EV Sales April 2026 रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि भारतीय ग्राहक अब पेट्रोल-डीजल कारों से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। इस बीच Tata Motors ने एक बार फिर देश की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार कंपनी के रूप में अपनी बादशाहत कायम रखी, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा Mahindra & Mahindra की तेज रफ्तार ने बटोरी है।
महिंद्रा ने लगातार दूसरे महीने JSW MG Motor India को पीछे छोड़कर EV बाजार में दूसरा स्थान हासिल किया है। दूसरी ओर VinFast और Maruti Suzuki की बढ़ती मौजूदगी ने आने वाले समय में मुकाबले को और भी दिलचस्प बना दिया है।
Tata Motors अब भी EV बाजार की सबसे बड़ी ताकत

अप्रैल 2026 में Tata Motors ने भारतीय EV बाजार में सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की। कंपनी ने करीब 8,500 से अधिक इलेक्ट्रिक कारें बेचकर नंबर-1 पोजिशन मजबूत बनाए रखी।
Tata की सफलता के पीछे उसकी मजबूत और विविध EV लाइनअप मानी जा रही है। कंपनी की लोकप्रिय इलेक्ट्रिक कारों में:
- Tata Punch EV
- Tata Nexon EV
- Tata Tiago EV
- Tata Curvv EV
जैसे मॉडल्स की मांग लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Tata की सबसे बड़ी ताकत उसका शुरुआती EV निवेश, चार्जिंग नेटवर्क और किफायती कीमतों में बेहतर रेंज ऑफर करना है। यही कारण है कि Tier-1 शहरों के साथ अब Tier-2 बाजारों में भी Tata EV तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं।
Mahindra की धमाकेदार वापसी ने बदल दिया समीकरण

इस बार की सबसे बड़ी खबर रही Mahindra & Mahindra की शानदार ग्रोथ। कंपनी ने अप्रैल 2026 में करीब 5,394 इलेक्ट्रिक SUVs बेचकर लगातार दूसरे महीने MG को पीछे छोड़ दिया।
Mahindra की नई पीढ़ी की इलेक्ट्रिक SUVs:
- Mahindra BE 6
- Mahindra XEV 9e
को ग्राहकों से शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है।
ऑटो एक्सपर्ट्स के अनुसार, Mahindra अब सिर्फ पारंपरिक SUV कंपनी नहीं रहना चाहती, बल्कि वह प्रीमियम EV बाजार में भी बड़ा खिलाड़ी बनने की तैयारी में है। आने वाले महीनों में कंपनी कई नए इलेक्ट्रिक मॉडल लॉन्च कर सकती है।
MG Motor की पकड़ कमजोर नहीं हुई
हालांकि JSW MG Motor India तीसरे स्थान पर पहुंच गई है, लेकिन EV सेगमेंट में उसकी पकड़ अब भी मजबूत बनी हुई है।
कंपनी की:
- MG Windsor EV
- MG Comet EV
जैसी कारें शहरी ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय बनी हुई हैं।
MG की खासियत यह है कि कंपनी प्रीमियम फीचर्स और मॉडर्न टेक्नोलॉजी पर ज्यादा फोकस करती है। यही वजह है कि युवा खरीदारों के बीच इसकी मजबूत पहचान बन चुकी है।
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VinFast और Maruti ने बढ़ाई बड़ी कंपनियों की चिंता

भारत के EV बाजार में अब विदेशी और घरेलू नए खिलाड़ी तेजी से एंट्री कर रहे हैं। वियतनाम की EV कंपनी VinFast ने अप्रैल 2026 में 1,000 से ज्यादा यूनिट्स बेचकर संकेत दे दिया है कि वह भारतीय बाजार को गंभीरता से ले रही है।
दूसरी ओर Maruti Suzuki भी अब EV बाजार में आक्रामक रणनीति के साथ उतर चुकी है। कंपनी की नई इलेक्ट्रिक SUV:
- Maruti e Vitara
को शुरुआती दौर में अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।
ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि Maruti की सबसे बड़ी ताकत उसका विशाल सर्विस नेटवर्क और भरोसेमंद ब्रांड इमेज है। यदि कंपनी किफायती EV लॉन्च करती है तो बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
आखिर भारत में EV बिक्री इतनी तेजी से क्यों बढ़ रही?
भारत में इलेक्ट्रिक कारों की मांग बढ़ने के पीछे कई बड़े कारण हैं:
1. पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने ग्राहकों को कम रनिंग कॉस्ट वाले विकल्प खोजने पर मजबूर किया है।
2. सरकार की EV पॉलिसी
केंद्र और राज्य सरकारें सब्सिडी, टैक्स छूट और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दे रही हैं।
3. लंबी रेंज और नई टेक्नोलॉजी
नई पीढ़ी के EV अब ज्यादा रेंज और फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आ रहे हैं।
4. चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार
अब बड़े शहरों के साथ हाईवे और छोटे शहरों में भी चार्जिंग स्टेशन तेजी से बढ़ रहे हैं।
दक्षिण भारत बना EV क्रांति का नया केंद्र
हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक Karnataka, Tamil Nadu और Kerala जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में EV अपनाने की रफ्तार सबसे ज्यादा देखी जा रही है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली ग्राहकों की वजह से दक्षिण भारत EV कंपनियों के लिए बड़ा बाजार बनता जा रहा है।
आने वाले समय में और बढ़ेगी EV की लड़ाई
विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 और 2027 भारतीय EV इंडस्ट्री के लिए निर्णायक साल साबित हो सकते हैं। Tata, Mahindra, MG, Hyundai, Kia, Maruti Suzuki और VinFast जैसी कंपनियां लगातार नए इलेक्ट्रिक मॉडल लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं। अगर बैटरी की कीमतें और कम होती हैं और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होता है, तो भारत दुनिया के सबसे बड़े EV बाजारों में शामिल हो सकता है। फिलहाल इतना तय है कि आने वाले वर्षों में भारतीय सड़कों पर इलेक्ट्रिक कारों की संख्या तेजी से बढ़ने वाली है और यह बदलाव ऑटो इंडस्ट्री की दिशा पूरी तरह बदल सकता है।