हुब्बल्ली (कर्नाटक): शहर के म्यादर ओनी इलाके में स्थित Rajanala (स्टॉर्म वॉटर ड्रेन) का स्लैब कई महीनों से टूटा हुआ है, जिससे पैदल यात्रियों की जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
रोज़ाना सैकड़ों लोग मजबूरी में खतरे से गुजर रहे
Rajanala पर बना स्लैब टूटने के बाद यह रास्ता बेहद संकरा और असुरक्षित हो गया है। इसके बावजूद यह मार्ग आसपास के आवासीय इलाकों और दुकानों को जोड़ने वाला मुख्य पैदल रास्ता है। मजबूरी में लोग टूटे स्लैब के किनारे या अस्थायी अवरोधों के बीच से निकलते हैं, जिससे फिसलने या नाले में गिरने का खतरा बना रहता है।
बारिश ने हालात और बिगाड़े
स्थानीय निवासियों के अनुसार, बीते कुछ महीनों में हुई बारिश के कारण स्लैब की स्थिति और ज्यादा खराब हो गई है। नाले में पानी भरने पर टूटा हुआ हिस्सा साफ दिखाई भी नहीं देता, जिससे रात के समय या बारिश के दौरान दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। इस रास्ते से स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी रोज़ गुजरते हैं।
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अस्थायी इंतजाम, स्थायी समाधान नहीं
हुब्बल्ली-धारवाड़ नगर निगम द्वारा मौके पर केवल बैरिकेड्स लगाए गए हैं, लेकिन इससे समस्या कम होने के बजाय और जटिल हो गई है। पैदल यात्रियों को अब बाधाओं के बीच से निकलना पड़ता है, जिससे संतुलन बिगड़ने और चोट लगने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मरम्मत के बजाय सिर्फ दिखावटी कदम उठाए गए हैं।
स्थानीय नागरिकों में नाराज़गी
इलाके के निवासियों का कहना है कि स्लैब करीब छह से आठ महीनों से क्षतिग्रस्त है। कई बार नगर निगम को शिकायत देने के बावजूद अब तक काम शुरू नहीं हुआ। बुजुर्गों और व्यापारियों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं की गई, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
नगर निगम का दावा: टेंडर जारी, काम जल्द शुरू होगा
नगर निगम की ओर से बताया गया है कि Rajanala स्लैब की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत पूरी होने तक क्षेत्र में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे, हालांकि ज़मीनी स्तर पर अभी तक कोई ठोस बदलाव नजर नहीं आया है।
शहर की बुनियादी सुविधाओं पर उठे सवाल
यह मामला हुब्बल्ली में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की स्थिति पर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी विकास में पैदल मार्गों और सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है, ताकि इस तरह की समस्याओं से समय रहते निपटा जा सके।
निष्कर्ष
Rajanala स्लैब का टूटना सिर्फ एक स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि शहरी प्रशासन की जिम्मेदारियों की याद दिलाने वाला मामला है। जब तक स्थायी मरम्मत नहीं होती, तब तक हर गुजरने वाला व्यक्ति जोखिम में रहेगा। नागरिकों की मांग है कि नगर निगम जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई कर इस रास्ते को सुरक्षित बनाए।
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